महावृक्षके निचे (Mahavruksh Ke Niche)

By मृदुला पारीक (Mrudula Parik)

महावृक्षके निचे (Mahavruksh Ke Niche)

By मृदुला पारीक (Mrudula Parik)

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Specifications

Print Length

320 pages

Language

Gujarati

Publisher

R. R. Sheth & Co. Pvt. Ltd.

Publication date

1 January 2025

ISBN

9789361977190

Description

पद्मश्री डॉभोलाभाई पटेल आधुनिक गुजराती साहित्य के प्रमुख हस्ताक्षर हैं  आपकी बहुआयामी साहित्यिक प्रतिभा ने निबंधसमीक्षासम्पादन और अनुवाद जैसे विविधक्षेत्रों में उत्तम प्रदान किया है  चिंतनशील सर्जक की सौन्दर्यान्वेशी दृष्टि से अनुप्राणित आपके यात्रा वृतान्तों ने गुजराती निबन्ध को एक नई दिशा दी है  आप आरम्भ से हीतुलनात्मक साहित्य के समर्थक रहे हैं  गुजराती कवि निरंजन भगत और फ्रेंच कवि शार्ल बॉदलेर की कविता के तुलनात्मक अध्ययन के द्वारा आपने गुजराती समीक्षा केक्षेत्र में पदार्पण किया 
मूल गुजराती भाषी हिन्दी के उत्तम प्राध्यापक बहुभाषाविद डॉ.भोलाभाई पटेल की भाषाप्रीति अनन्य थी  संस्कृतबांग्लाअसमियाउड़ियामराठी के साथ-साथअंग्रेजी-जर्मन जैसी विदेशी भाषाओं के आप ज्ञाता थे  वे हिन्दीसंस्कृतबांग्ला और अंग्रेजी साहित्य के मर्मज्ञ रहे हैं  इस विद्वत्ता के कारण समय-समय पर विभिन्नराष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय परिसंवादोंसंगोष्ठियों और साहित्यिक सम्मेलनों में आपके व्याख्यान एक उपलब्धि रहते  -रससहज व्यक्तित्व की मुद्रा से अंकित इन व्याख्यानों मेंसम-वाद’ का एक ऐसा तत्व होता थाजो वक्ता और श्रोता के बीच की दूरी को मिटाकर एक ज्ञानवर्धक आत्मीय सेतु रच देता था  भोलाभाई पटेल की विलक्षण प्रतिभाके द्योतक विविध विषयों के इन व्याख्यानों को यहाँ ग्रंथस्थ किया जा रहा है  विभिन्न पत्रिकाओं में छपे कतिपय लेखों को भी यहाँ समाविष्ट किया गया है 
यह पुस्तक तुलनात्मक साहित्य के अध्येताओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी 


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